रविवार, 24 जुलाई 2011

रंगीन आहार सेहत का आधार

संतुलित भोजन के बारे में किसी डायटिशियन से पूछा जाए तो वह कहेगा कि भोजन में दाल, चावल, रोटी, सब्जी और थोड़ी वसा होना चाहिए। दाल यानी प्रोटीन, चावल, रोटी यानी कार्बोहाइड्रेट और सब्जी अर्थात विटामिन और खनिज लवणों के स्रोत। इसके साथ ही भोजन के अतिरिक्त कुछ मौसमी फलों का भी समावेश होना चाहिए। खट्टे-मीठे फल ऊर्जा एवं खनिज लवणों तथा एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं। आप पूछ सकते हैं कि यह एंटीऑक्सीडेंट्स क्या हैं? तो जान लीजिए की ये हमारे स्वास्थ्य के रक्षक हैं।

दरअसल, जो भी भोजन हम करते हैं शरीर में उसके पाचन के दौरान कुछ हानिकारक तत्व बनते हैं जिन्हें फ्री रेडिकल्स (स्वतंत्र मूलक) कहते हैं। ये फ्री रेडिकल ऑक्सीकरण की दर को बहाकर हमारे शरीर को नुकसान पहुँचाते हैं। उनकी अधिकता से हमारे शरीर में बुढ़ापे के लक्षण तेजी से आते हैं।
एंटीऑक्सीडेंट्स पदार्थ इन स्वतंत्र मूलकों का खात्मा कर इनके दुष्प्रभावों से हमारे शरीर को बचाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट्स नारंगी, लाल, पीले, जामुनी फलों में खूब पाए जाते हैं। फलों के अलावा भी कुछ चीजें ऐसी हैं, जो न तो सब्जी है न ही फल जैसे प्याज, गाजर, शलजम आदि। सफेद नारंगी और जामुनी वनस्पतियों का यह योग बेहतरीन है। इसमें मूली भी जोड़ी जा सकती है और फूलगोभी भी।
'सब्जी' शब्द 'सब्ज' से आया है, जो एक फारसी शब्द है। 'सब्ज' यानी हरा जैसे पालक, मैथी, धनिया, गिलकी, लौकी, करेला आदि। सब्जबाग दिखाना एक मुहावरा भी है, परंतु हम आपको कोई सब्जबाग नहीं दिखा रहे हैं अपितु बागे-सेहत का रास्ता दिखा रहे हैं। वह भी और कहीं नहीं, आपके घर पर ही। इस पर चलना और उसे सजाना भी आपके हाथ में है। यदि आपकी भोजन थाली रंग-बिरंगी खाद्य सामग्री से भरी है तो समझिए कि आपकी सेहत भी बढ़िया रहेगी। भोजन की थाली जितनी ज्यादा रंगीन होगी, उतना ही आपका स्वास्थ्य भी बेहतरीन रहेगा।
तिरंगा सलाद 1
बेहतर स्वास्थ्य पाने के लिए आप एक सलाद बना सकते हैं। इसे नाम दे सकते हैं- तिरंगा सलाद। इसे बनाने के लिए आपको मूली और टमाटर चाहिए। ध्यान रहे, मूली पत्तियों सहित खरीदना है। तिरंगा सलाद बनाने के लिए मूली के नर्म पत्तों को बारीक-बारीक काट लें। इसके बाद मूली को लंबी-लंबी चिप्स जैसा काटें। ऐसा करने के लिए पहले मूली का एक लंबा टुकड़ा लेकर उसमें चाकू से खड़े चीरे लगा लें। अब इस टुकड़े से मूली ऐसे काटिए जैसे आलू की चिप्स काटते हैं।

इस तरह आपको आलू की सेंव की तरह मूली के लंबे-पतले टुकड़े मिल जाएंगे। अब इसी तरह टमाटर के भी लंबे-लंबे टुकड़े काट लें। अब इस पर जरा-सी लालमिर्च, नमक एवं भुना जीरा डालकर अच्छी तरह मिला लें। यकीन मानिए यह तिरंगा सलाद खाकर आप इसे भूल नहीं पाएँगे। यह इतना स्वादिष्ट है कि इससे आप रोटी भी खा सकते हैं। पोषक तत्वों से भरपूर इस सलाद में मिनरल्स एवं विटामिन्स के साथ लायकोपीन और केरोटीन्स भी भरपूर हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट्स हैं।

तिरंगा सलाद 2
इसमें थोड़ा-सा बदलाव कर एक नया स्वाद पा सकते हैं। मूली की जगह लंबे-लंबे प्याज और टमाटर की जगह नारंगी गाजर ली जा सकती है। यह तिरंगा सलाद प्याज के गुणों, जिसमें एलिसिन एवं गाजर जिसमें केरोटीन है, से भरपूर है। केरोटीन आंखों के लिए हितकारी है, क्योंकि इससे ही हमारे शरीर में विटामिन ए बनता है। विटामिन ए और आंखों का रिश्ता किसे नहीं मालूम!

आपको कुछ और सब्जियों एवं फलों के नाम बता देते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर है। सब्जियों में कद्दू, पत्तागोभी, धनिया केरोटीन के भंडार हैं, वहीं प्याज एलिसिन, देसी गाजर, काली (वस्तुतः हल्की जामुनी), बालोर व लाल भाजी तथा शलजम एवं चुकन्दर एन्थोसायनिन के खजाने हैं। एन्थोसायनिन के अन्य अच्छे स्रोत हैं जामुन, लाल जाम, काले अंगूर और बेर।
तो अच्छे स्वास्थ्य की खातिर इन रंग-बिरंगे फलों से भी अपनी थाली सजाएं। ये बढ़ती उम्र के खतरों से आपको दूर रखेंगे।
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