रविवार, 24 जुलाई 2011

'थोड़ा' टेंशन अच्छा है सफलता के लिए

स्टडी के लिए टेंशन जरूरी है, लेकिन बहुत ज्यादा चिंता से सोचने की क्षमता पर बुरा असर पड़ता है जिससे ऐन परीक्षाओं या साक्षात्कार के वक्त मेमोरी ब्लॉक हो सकती है।
एनर्जी के लेवल में गिरावट व कॉन्सन्ट्रैशन में कमी हो सकती है।
टेंशन बढ़ने से रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी रेसिस्टेंट पॉवर कम होने लगती है और शरीर अस्वस्थ होगा तो जाहिर-सी बात है कि दिमाग पर प्रैशर भी बढ़ेगा।
टेंशन आपके मनोबल पर हावी ना हो इस बात का ध्यान रखें।
टेंशन आपके सबकॉन्शस में बना रहना चाहिए लेकिन जैसे ही आपको घबराहट महसूस हो आप अपनी सारी शक्ति अपने मजबूत पक्षों को सोचने में लगा दें। इससे आपकी पॉजिटिव एनर्जी बढ़ेगी।
टेंशन कम से कम होना चाहिए और उस पर दबाव डालने के लिए सच्चे मन से मेहनत करने लग जाएं।
NDटेंशन की बस इतनी मात्रा आपको फायदा देगी।
कई घंटों तक लगातार बैठे रहकर पढ़ने से कोई फायदा नहीं होता, क्योंकि एक टाइम लिमिट के बाद नेगेटिव टेंशन का लेवल बढ़ता जाता है और एकाग्रता का स्तर गिरने लगता है।
माइंड में कुछ भी रजिस्टर नहीं होता, इसीलिए इस दौरान न तो कुछ पढ़ा हुआ याद रह पाता है और न ही कोई विचार दिमाग में अपनी जगह बना पाता है।

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें